पार्टी नहीं प्रजा की सोचो
* नागरिक मजबूत बनाया जाए *
आज वक्त आ गया है हमें यह विचार करने का, कि जो शासन -तन्त्र में बैठे हैं वो नेता क्या ऐसा काम कर रहें हैं कि जिससे देश का नागरिक नीचे लिखे बिंदूओं के आधार पर मजबूत हुआ हो :- १. स्वास्थ्य
२. शिक्षा
३. सामाजिक सुरक्षा
४. समाज - कल्याण
५. रोजगार
६. व्यापारिक - प्रगति |
७. छवि एवं मूल्य | तो हमें जवाब मिलता है ---- नहीं | तो फिर ये सत्ता में बैठे नेता लोग मंत्री / प्रधान - मन्त्री बनकर क्या कर रहे हैं ?!!!! जवाब है ---- केवल अपनी - अपनी पार्टियों को मजबूत बनाने में लगे हुवे हैं , चंदा इकट्ठा कर रहे हैं और कुछ नहीं | इनकी पार्टियों का बैंक बेलेन्स इस बात का प्रत्यक्ष सबूत है | ....... और बेचारा नागरिक भी वोट दे - दे कर सिर्फ उन पार्टियों को ही मजबूती प्रदान कर रहा है |.......... भलाई अब इसी में है कि ...... इन्हें या तो वोट देना बंद करें या फिर चुनाव से पहले इनकी पार्टियों से नागरिक अपने व देश हित में हलफनामा लेकर फिर ही वोट दें | ...... अब ये जरुरी है कि नहीं ????....... जवाब तो .... हाँ ही होगा.... और नागरिक का लाभ भी तभी होगा..... वर्ना खाना पड़ेंगे ... हमेशा की तरह धक्के और..... लगना पड़ेगा लाईन में ......समझे | इसलिए तमाम वोटर सावधान | अभी नहीं , .... तो कभी नहीं | वर्ना ......ये जुमला सुनना पड़ेगा .....नाचे कूदे बांदरी अरु खीर खाए फ़क़ीर .. .... समझे की नहीं ....|